Religion

Mahima Shani Dev KiTo Save The World From The Wrath Of Shani Dev, Mata Chhaya Herself Gave Up Her Life

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महिमा शनि देव की: महादेव शिव शंकर से माता-पिता के जीवन दान करने वाले सूर्यलोक कभी उनकी मां उन्हें पूरे प्रेम से स्नेह करती तो कभी सामान्य शिष्टाचार भी नहीं। है है है है है है । ‍‍।

माता ने श्वेता को चेताया कि वह खुद ही सोय सूर्यलोक से श्वेता का प्रकाश करेंगे। . एक दिन यही सोचते हुए छाया परेशान थीं, तभी संध्या आ गईं तो सूर्यदेव के सामने उन्हें ले जाने लगीं, लेकिन छाया ने तय किया कि अब जबकि शनि कर्मफलदाता बन चुके हैं और दुनिया को इंसाफ दिलाने की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं तो उन्होंने भगवान विश्वकर्मा और स्वयं के रूप में ही समाप्त हो जाते हैं।

संध्या को ही मां मानते थे शनि, पहेली ही रह गईं छाया
सूर्य के वातावरण के लिए ऐसा लगता है कि वह सूर्य के प्रकाश के लिए उपयुक्त नहीं है। इस तरह के प्रति वफादार बने रहे। रोग ने खुद को निष्क्रिय कर लिया है I इस तरह बेटे शनि के लिए माता छाया हमेशा के लिए पहली ही बनी रह गईं। पौराणिक कथाओं के अनुसार समस्य देवलोक में यह सच्चाई सिर्फ इंद्र और भगवान विश्वकर्मा ही जान सकें, लेकिन महादेव के आदेश पर उन्होंने इसका किसी से भी खुलासा नहीं किया।

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